बूढ़ी आँखें - Apna Pratapgarh

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Monday, May 18, 2020

बूढ़ी आँखें

' आँख ज्यादा दर्द कर रही है अम्मा ? '
 ' हाँ बुढ़ापे की आँखें हैं न | '
' दो - तीन दिन से आँखों में पानी भी अधिक आ रहा है | '
' ठीक हो जाएँगी | '
' अब तनख्वाह मिलने दे , आँखें चैक करवा दूँगा ... चश्मा बनवा दूँगा | '
' रहने दे पहली तनख्वाह मिलेगी , बहू के लिए साड़ी-वाड़ी ले लेना | '
'  बिना साड़ी के वो क्या नंगी घूम रही है ! पहले आँखें चैक हो जाएँ ... चश्मा बन जाए ... फिर उसके लिए साड़ी भी ले लूँगा | '
अचानक अम्मा ने पानी झरती आँखों से उसकी ओर देखा , फिर झुर्रीदार चेहरे पर स्नेहमयी मुस्कान तिर आई |

लघुकथाकार , कहानीकार , कवि  - पवन शर्मा

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